
साहित्यिक बिभूति आनंद लिखैत छथि जे मैथिली साहित्यक स्वर बुलंद केनिहार उपन्यास 'गाम गेल छलहुँ' केर चर्चित लेखक ओ संपादक नै रहलाह, श्रद्धांजलि.
राजनेता रत्नेश्वर झा दुःख व्यक्त करैत लिखने छथि जे हुनका गेला सं हमर पारिवारिक क्षति भेल बुझना जा रहल अछि. हुनक मार्गदर्शन पार्टी कें भेटैत रहल छल. मिथिला-मैथिलीक सजग सपूत असमय छोड़ि गेलाह.
कवि लक्ष्मण झा 'सागर', कोकिल मंच केर नबोनारायण मिश्र, अशोक झा आदि अनेक लोकनि हुनक असामयिक निधन पर दुःख प्रकट केलनि. ई सिलसिला दिनभरि चलैत रहल. सत्ते ई मैथिलीक अपूरणीय क्षति अछि.
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