
पोथीक विमोचन वरिष्ठ साहित्यकार रामलोचन ठाकुर केलनि. एहि अवसर पर अपन उदगार व्यक्त करैत रामलोचन ठाकुर वियोगीक लेखन कौशल, भाखा ओ व्याकरण सम्बंधित हुनक ज्ञान तथा मैथिली मे यात्रा ओ विज्ञान सम्बन्धी लेखनक महत्वक चर्चा केलनि. भास्कर झा अपन वक्तव्य मे कहलनि जे वियोगीजी बहुमुखी प्रतिभा संपन्न छथि. हिनका पर मिथिला कें गर्व अछि. प्रो. शंकर झा वियोगीजी केर लेखन शैलीक विशेषता पर इजोत देलनि. नवीन चौधरी पोथी पर फइल सं चर्चा केलनि. वियोगीजी मैथिली पोथी प्रकाशन, वितरण आदि समस्या पर चर्चा केलनि. अध्यक्षक आसन सं गंगा झा वियोगीजी ओ हुनक रचना पर अपन बात रखलनि. कार्यक्रम केर संचालन मिथिलेश कुमार झा केलनि. एहि कार्यक्रम मे मैथिली नेही लोकनिक नीक जुटान भेल छल.
(Report: मिथिलेश कुमार झा)